अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सीधे सीधे चीन की संप्रभूता को चुनौती दीं है। कूटनीतिक मोर्चे पर कैसे बात चीत होती है ये भी हमें सीखना चाहिए। पहले चीन अग्रेशन करता था, एक नक्शा बनाकर भारत के गाँवों को उसमे दिखा देता था और भारत मे पेनिक मचता था। बाद मे उनकी सरकार का कोई
बीजेपी का कोई भी मुख्यमंत्री खुद से बयानबाजी नहीं करता, ऐसे मे कहा जा सकता है कि बोला खांडू ने मगर शब्द दिल्ली से आये थे। ये ही सही स्ट्रेटजी भी है केंद्र सरकार को सीधे टिप्पणी से बचना चाहिए। जस्टिन ट्रूडो, ऋषि सुनक यहाँ तक की डोनाल्ड ट्रम्प की यही कमजोरी रही कि प्रधान होकर आप
पहले इस समझिए, 👇 हाल ही मे ईरान ने आधिकारिक बयान दें दिया है कि वो डोनाल्ड ट्रम्प को मरवा सकते है, ये पूरी तरह से मूर्खता है क्योंकि ट्रम्प ने कहा है कि ऐसी स्थिति मे ईरान को नक़्शे से मिटा देंगे। अब सोचिये यदि इजरायल ही ट्रम्प पर हमला करवा दें तो शक तो ईरान पर ही आएगा और ये
जिस दिन ऐसा हुआ उस दिन से आप देखेंगे कि पाकिस्तान को अरबो डॉलर की भीख मिलेगी, वही अफगानिस्तान युद्ध वाले हालात बन जाएंगे। अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध मे मिठास बहुत ज्यादा हो जाएगी। कोई बड़ी बात नहीं यदि पाकिस्तान और इजरायल की भी करीबी बढ़ जाए। भारत मे विपक्ष का बस चलेगा तो
एक खेल और है यदि अमेरिका बलूचिस्तान मे ही आग लगा दें तो एक बलूचिस्तान ईरान मे भी है। नस्लीय चिंगारी ईरान को अंदर से जला देगी जो अमेरिका के ही काम आएगी और पाकिस्तान से बलूचिस्तान अलग हो जाए तो अमेरिका को कोई फर्क नहीं पड़ना। सब निर्भर करेगा कि अमेरिका का डीप स्टेट किस दिशा मे

