यह महिला अनु टण्डन मुकेश अंबानी के हर पारिवारिक समारोह में दिखती है। इनकी कहानी भी बड़ी रहस्यमई है.. इनकी कहानी पढ़कर आप सिर पीट लेंगे। मित्रों एक सच्चाई है कि भारत ही नहीं दुनिया के किसी भी देश में यदि किसी के पास 5000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है तो वह बिना सत्ता की मदद
2008 में जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे तब एक ED के अधिकारी थे जिनका नाम था संदीप टंडन जो आईआरएस यानी इंडियन रिवेन्यू सर्विस के अधिकारी थे.. उनके नेतृत्व में रिलायंस हाउस तथा HSBC बैंक पर छापा मारा गया था और वहां से क्या बरामद हुआ क्या दस्तावेज मिले इसे मीडिया में नहीं आने दिया
अब आप कल्पना करिए... यदि मोदी सरकार में ED किसी बिजनेस हाउस पर छापा मार और छापे का नेतृत्व करने वाला उसका असिस्टेंट डायरेक्टर एक हफ्ते के बाद उसी कंपनी में डायरेक्ट बन जाए तो विपक्ष कितना हंगामा मचाएगी। खबर यह आई की रिलायंस में डायरेक्टर संदीप टंडन जिनकी पोस्टिंग मुंबई में थी
स्विट्जरलैंड की मीडिया में खबरें छपती थी कि उस वक्त मनमोहन सरकार के समय सोनिया गांधी रॉबर्ट वाड्रा प्रियंका वाड्रा राहुल गांधी छुट्टिया मनाने ज्युरिक जाते थे तो संदीप टंडन के विला में ही रहते थे। जिसे उन्हें मुकेश अंबानी और HSBC बैंक ने गिफ्ट में दिया था। फिर खबर आई कि संदीप
उसके बाद खबर यह आई की संदीप टंडन की विधवा पत्नी अनु टंडन को मुकेश अंबानी ने अपनी एक सॉफ्टवेयर कंपनी मोटिफ अनुदान में दे दिया। सेबी को यह बताया गया कि यह हमारे कर्मचारी हमारे डायरेक्टर की विधवा है इसलिए इन्हें उनके पति के निधन पर उनकी पत्नी को यह कंपनी दिया गया जबकि वह उसे
अनु टंडन एक बार सांसद रही उसके बाद दो बार फिर कांग्रेस ने टिकट दिया दोनों बार हार गई। अब आप सर खुजाते रहिए कड़ी से कड़ी मिलाते रहिए और सोचते रहिए की फिल्मों में जो कॉर्पोरेट और राजनेताओं का गठजोड़ दिखाया जाता है वह क्या है ? और कई बार सफेद पोश नेता यह कहते हैं कि हम फलाने

