Published: August 5, 2025
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एक जंगल में मंदविष नामक सांप रहता था और बहुत बूढ़ा हो चुका था | बूढ़ा और कमजोर होने के कारण अपना शिकार करने में असमर्थ था | एक दिन रेंगता हुआ वह तालाब के किनारे पहुँच गया और वहीं लेट गया और कुछ दिनों तक वह इसी तरह लेटा रहा | उसी तालाब में बहुत सारे मेंढक भी रहते थे उन्होंने

Image in tweet by Shaurya Mishra

सर्प के मुंह से इस प्रकार के बातें सुनकर मेंढकों का राजा जालपाद बहुत खुश हुआ उसने सोचा कि अगर इस सर्प से मेरी दोस्ती हो जाती है और मैं इस सर्प की पीठ पर बैठकर सबारी करूँगा तो दल का कोई भी दूसरा शक्तिशाली मेंढक मेरे खिलाफ विद्रोह भी नहीं कर सकेगा | जालपाद को कुछ सोचता हुआ देख

एक दिन जब वह सांप की पीठ पर सवारी कर रहा था तब सर्प बहुत धीरे-धीरे चल रहा था | मेंढक (जालपाद ) ने पूछा – “ आज आप इतने धीरे-धीरे क्यूँ चल रहे हो ? आज सवारी में मजा नहीं आ रहा है |” सर्प बोला – “ मित्र ! मुझे कई दिनों से भोजन नहीं मिला है इसीलिए कमजोरी आ गई है और मुझसे चला नहीं

एक दिन एक दूसरे सांप ने मेंढक को सांप की सवारी करते देखा तो उसे अच्छा नहीं लगा और कुछ देर बाद मंदविष के पास आकर बोला – “ मित्र तुम यह प्रकृति विरुद्ध कार्य क्यूँ कर रहे हो ? ये मेंढक तो हमारे भोजन हैं और तुम इन्हें अपनी पीठ बार बैठा कर सवारी करवा रहे हो ?” मंदविष बोला- “ ये सारी

जालपाद की बात सुनकर मंदविष सांप बोला – “ ठीक है मुझे तो बहुत भूख लग रही है मैं तुम्हारे परिवार को छोड़ देता हूँ पर मुझे अपनी भूख मिटाने के लिए तुम्हे खाना पड़ेगा |” मंदविष सांप की बात सुनकर जालपाद के पैरो तले जमीन खिसक गई और उसने अपनी जान वचाने के लिए अपने सगे संबंधियों तक को

जालपाद की बात सुनकर मंदविष सांप बोला -“ मित्र ! तुम्हारा कहना मैं मान लूँगा | तुमने अपने स्वार्थ के कारण अपने जन्मजात दुश्मन को अपना मित्र बनाया और अपने सगे संबंधियों को मेरा भोजन बनवाया अब तुम अकेले इस दुनियां में रहकर क्या करोगे ?” इतना बोलकर सांप ने जालपाद मेंढ़क को भी मारकर

@shauryabjym भरोसा किसी का भी कर लो परंतु भरोसे सिर्फ भगवान के रहना इसलिए की जो इंसान भगवान के गली ने चला जाता है वो इंसान और जीवन जंतु पूजनीय होते हैं और वही जो पिशाचों के बताये हुए रास्तो पर चलता है वो हमेशा खुदको और दूसरों को पीड़ा देना ही जानता है

Pakistani Hindus crazz 😍 पाकिस्तानी हिंदू नरसिम्हा फिल्म देखने के लिए एकत्र हुए,पाकिस्तान में ऐतिहासिक क्षण "महाअवतार नरसिम्हा" ॐ नमो वासुदेवाय नमः 🚩🙏

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गुरूजी 😂😂 ममता जी को बोलेंगे तुम्बा तुम्बा.... 🤭🤭 अनिरुद्धचार्य जी 🔥🔥🔥

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